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Thursday, 29 January 2015

SMS

नादाँ हैं वो लोग जो कहते हैं कि चूत पे बाल हैं;
गौर फरमाएं
नादाँ हैं वो लोग जो कहते हैं चूत पे बाल हैं;
अरे ये तो लौड़े को फ़साने के लिए बिछाए हुए जाल हैं।

Monday, 8 December 2014

UP Board 12th Class Date Sheet 2015

UP Board 12th Class Date Sheet 2015:
Date
Time
Subject
19.02.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Science

Hindi
20.02.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Home Science

Pali, Arbi, Pharsi
21.02.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Economics

Hindi - II
23.02.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Music

Education, Logic
24.02.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Economics – II

Physic – I
25.02.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Agriculture – I

Education, Logic - II
26.02.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Drawing

Physic – II
27.02.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Agriculture Plant Science – II

Sewing
28.02.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Military Science – I

Chemistry - I


02.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Agriculture Physics – III

Sewing – II
03.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Music – II

Chemistry – II
04.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Human Science – I

Adikoshn – I
09.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Human Science – II

Biology – I
10.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Languages (Urdu, Tamil Etc.)

Animal Science – VIII
11.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Drawing – II

Biology – II
12.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Home Science – II

Math – I
13.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

History – II

Adikoshn – II

14.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Sanskirt – I

Math – II
16.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Civics – I

Insurance Theory – I
17.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Social Science – II

English – I
18.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Civics – I

Computer-I, Insurance Theory – II
19.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Urdu-II

English-II
20.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Geography

Business Class – III
21.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Sanskirt-II

Computer-II, Agriculture Chemistry – X
21.03.2015

07:30 AM to 10:45 AM

02:00 PM to 05:15 PM

Geography – II

Business Class – V

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Tuesday, 18 November 2014

मौम के पास कभी आग को लाकर देखूँ By राहत इन्दौरी


मौम के पास कभी आग को लाकर देखूँ,

सोचता हूँ के तुझे हाथ लगा कर देखूँ......

कभी चुपके से चला आऊँ तेरी खिलवत में,
और तुझे तेरी निगाहों से बचा कर देखूँ....

मैने देखा है ज़माने को शराबें पी कर,
दम निकल जाये अगर होश में आकर देखूँ...

दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है,
सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगा कर देखूँ....

तेरे बारे में सुना ये है के तू सूरज है,
मैं ज़रा देर तेरे साये में आ कर देखूँ....

याद आता है के पहले भी कई बार यूं ही,
मैने सोचा था के मैं तुझको भुला कर देखूँ....

इश्क़ में जीत के आने के लिये काफी हूँ By राहत इन्दौरी


इश्क़ में जीत के आने के लिये काफी हूँ,

मैं अकेला ही ज़माने के लिये काफी हूँ.....

हर हकीकत को मेरी ख्वाब समझने वाले,
मैं तेरी नींद उड़ाने के लिये काफी हूँ.....
ये अलग बात के अब सुख चुका हूँ फिर भी,
धूप की प्यास बुझाने के लिये काफी हूँ.....

बस किसी तरह मेरी नींद का ये जाल कटे,
जाग जाऊँ तो जगाने के लिये काफी हूँ.....

जाने किस भूल भुलैय्या में हूँ खुद भी लेकिन,
मैं तुझे राह पे लाने के लिये काफी हूँ.....

डर यही है के मुझे नींद ना आ जाये कहीं,
मैं तेरे ख्वाब सजाने के लिये काफी हूँ.....

ज़िंदगी.... ढूंडती फिरती है सहारा किसका ?
मैं तेरा बोझ उठाने के लिये काफी हूँ.....

मेरे दामन में हैं सौ चाक मगर ए दुनिया,
मैं तेरे एब छुपाने के लिये काफी हूँ.....

एक अखबार हूँ औकात ही क्या मेरी मगर,
शहर में आग लगाने के लिये काफी हूँ.....

मेरे बच्चो.... मुझे दिल खोल के तुम खर्च करो,
मैं अकेला ही कमाने के लिये काफी हूँ.....

जो मेरा दोस्त भी है, मेरा हमनवा भी है by राहत इन्दौरी


जो मेरा दोस्त भी है, मेरा हमनवा भी है,

वो शख्स, सिर्फ भला ही नहीं, बुरा भी है....

मैं पूजता हूँ जिसे, उससे बेनियाज़ भी हूँ,
मेरी नज़र में वो पत्थर भी है खुदा भी है....

सवाल नींद का होता तो कोई बात ना थी,
हमारे सामने ख्वाबों का मसअला भी है.....

जवाब दे ना सका, और बन गया दुश्मन,
सवाल था, के तेरे घर में आईना भी है....

ज़रूर वो मेरे बारे में राय दे लेकिन,
ये पूछ लेना कभी मुझसे वो मिला भी है..

Safar ki had hai By "Rahat Indori"


Safar ki had hai wahan tak ke kuch nishan rahe
Chale chalo ke jahan tak ye asman rahe

Ye kya uthaye qadam aur a gai manzil
Maza to jab hai ke pairon may kuch thakan rahe

Wo shakhs mujh ko koi jalsaz lagata hai
Tum us ko dost samajhate ho phir bhi dhyan rahe

Mujhe zamin ki geharaion ne dab liya
Main chahata tha mere sar pe asman rahe

Ab apane bich marasim nahi adawat hai
Magar ye bat hamare hi darmiyan rahe

Magar sitaron ki faslen uga saka na koi
Meri zamin pe kitane hi asman rahe

Wo ek sawal hai phir us ka samana hoga
Dua karo ke salamat meri zaban rahe